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Tag: sukun shayari

❤ज़िन्दगी में भागे जा रहे हैं, कामयाबी की तलाश में, सुकून से ही दूर जा रहे है, सुकून की तलाश मे 

❤ज़िन्दगी तेरे इश्क़ में, कितनी दूर हम चल चुके, कहीँ सुकून मिला नहीं, कितने शहर बदल चुके.

❤सोचा था घर बनाकर बेठुंगा सुकून से, पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला..!!” 

❤सोचा था घर बनाकर बेठुंगा सुकून से, पर घर की जरूरतों ने मुसाफिर बना डाला.

❤सुकून की बात मत कर ऐ दोस्त, बचपन वाला इतवार जाने क्यूँ अब नहीं आता.

❤सालो साल बातचीत से उतना सुकून नही मिलता, जितना सिर्फ एक बार गले लग कर मिलता है।

❤सालो साल बातचीत से उतना सुकून नही मिलता, जितना सिर्फ एक बार गले लग कर मिलता है.

❤सहने की दर्द इस तरह आदत सी हो गई, होते हैं जब सुकून में बैचेन रहते हैं.

❤मौसम गए सुकून गया ज़िन्दगी गई, दीवानगी की आग में क्या-क्या गया न पूछ.

❤बेचैनी भी जहाँ सुकून देने लगती है, आ देख, उस दौर से गुजर रहा हूँ मैं..